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फेल हुए छात्रों को मिलेगा मौका, उत्तराखंड बोर्ड भी दे रहा बैक पेपर की सुविधा
उत्तराखंड बोर्ड पहली बार छात्रों को अंक सुधार परीक्षाएं/बैक पेपर देने की सुविधा दे रहा है. छात्र अगर एक या दो विषय में फेल हुए हैं तो वे बैक परिक्षा देकर अपने अंक सुधार सकते हैं. इससे छात्रों का एक साल खराब होने से भी बचेगा. आज से शुरू हुई उत्तराखंड बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा 12 अगस्त तक आयोजित होंगी. इसमें विभिन्न विषयों में फेल हुए छात्र परीक्षा दे रहे हैं. दरअसल उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाएं अप्रैल महीने तक समाप्त हो जाती है और मई माह के अंतिम दिनों या जून में परीक्षाफल घोषित कर दिया जाता ... Read more
उत्तराखंड में छेड़खानी पर जीरो टॉलरेंस,सड़क पर आशिकी का भूत उतारेगी पिंक पुलिस
कमल किशोर पिमोली/पौड़ी गढ़वाल. अक्सर हम देखते हैं कि स्कूल, कॉलेज या अन्य जगहों पर मनचलों की टोली स्कूली छात्राओं को परेशान करने के लिए खड़ी रहती है. ये छात्राओं के साथ बदतमीजी से बात करते हैं व छेड़खानी की कोशिश भी करते हैं, ऐसे युवकों को सबक सिखाने के लिए अब पौड़ी पुलिस ने पिंक यूनिट तैयार की है. छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए एसएसपी पौड़ी श्वेता चौबे के निर्देश पर जिले में पिंक यूनिट का गठन किया गया है. पुलिस टीमें स्कूल खुलने और बंद होने के समय स्कूलों के बाहर डटी रहेंगी. साथ ही छात्राओं की ... Read more
यह संस्था कर रही दिमागी रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाने का काम, पढ़ें खबर
अरशद खान/देहरादून. देहरादून के इंदिरा नगर कॉलोनी में स्थित SORAN किड्स संस्था और स्कूल, स्पेशल नीड्स के बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही है. यहां पर बहुत सारे वह बच्चे जो दिमागी रूप से कमजोर होते हैं या अन्य कोई स्पेशल कैरेक्टरस्टिक समस्या जिनमें होती है. SORAN किड्स ऐसे बच्चों को पढ़ाने का और सिखाने का काम करती है. ताकि स्पेशल चाइल्ड भी मेन स्ट्रीम के बच्चों के साथ घुल मिल सकें और पढ़ाई कर सके. यह संस्थान 3 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए है और एक प्रीप्रेटरी स्कूल के तौर पर चलाया जा रहा है. ... Read more
भ्रष्टाचार की पोल खोलता है श्रीनगर का ये टेलर, आरटीआई को बनाया अपना हथियार
कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. केवल सोच का ही फर्क होता है, वरना समस्याएं आपको कमजोर नही बल्कि मज़बूत बनाती हैं ये पंक्तियां सटीक बैठती है श्रीनगर गढ़वाल के कुशलानाथ पर. पेशे से दर्जी कुशलानाथ ने परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने से बेहतर संघर्ष करने का रास्ता चुना. इसी संघर्ष का नतीजा है कि आज श्रीनगर व आस-पास के क्षेत्र में कुशलानाथ किसी पहचान के मोहताज नहीं है. पारिवारिक परिस्थतियों के चलते 12वीं तक पढ़ने के बाद पढ़ाई छोड़ कुशलानाथ ने दर्जी का काम चुना ओर श्रीनगर में दुकान खोल कपड़े सिलने लगे. लेकिन कहते हैं न कि अगर आपके अंदर कुछ ... Read more
DAV (P.G) कॉलेज ने शुरू हुए एडमिशन , ऐसे करें अप्लाई
राजधानी देहरादून के महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज में एडमिशन शुरू हो चुके हैं. यहां बीए ,बीएससी, एमएससी आदि कोर्सेज के अलावा कई प्रोफेशनल कोर्स भी कराए जाते हैं. इसमें बीएससी आईटी, एमएससी आईटी, मास कम्युनिकेशन पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा एंड डिग्री, साइंस के कई प्रोफेशनल कोर्स करवाये जाते हैं. आप भी इनमें दाखिला ले सकते हैं. 1948 में स्थापित किए गए डीएवी महाविद्यालय में कई नामचीन हस्तियों ने अपनी शिक्षा ग्रहण की. बता दें कि इसमें एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी और श्री देव सुमन यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध कई प्रोफेशनल कोर्स भी कराए जाते हैं. इसके लिए एडमिशन शुरू हो चुके हैं.डीएवी पीजी ... Read more
गढ़वाल यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रो पीएस राणा को मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान
कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. उत्तराखंड के गढ़वाल विश्वविद्यालय (Garhwal University) के पूर्व कुलसचिव प्रो. पीएस राणा को उत्तराखंड गौरव सम्मान (Uttarakhand Gaurav Samman) से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह सम्मान समाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रदान किया गया है. पहले भी इस सम्मान को IAS कमल टावरी, प्रो. जेपी पचौरी, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत जैसे सामाजिक, राजनीतिक और जन-सरोकारों के क्षेत्र में कार्य कर चुके व्यक्तियों को प्रदान किया गया है. हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU) के वरिष्ठ प्रोफेसर पीएस राणा ने अपनी लंबी सेवा अवधि के बाद 31 जुलाई को सेवानिवृत्ति प्राप्त ... Read more
ऊधम सिंह नगर जिले में पिछले 15 महीनों में 168 बच्चों में दिल में छेद के मामले आए सामने, तीन की मौत
वेद प्रकाश/ऊधम सिंह नगर: पिछले कुछ सालों में तापमान में हुए बदलाव और खानपान में हुए परिवर्तन के कारण, आजकल कम उम्र में दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले आम हो गए हैं. खासकर, 0 से 18 साल के बच्चों के दिल में छेद के मामले में वृद्धि दिखाई दे रही है. इस चुनौती के सामने देखते हुए, केंद्र सरकार ने आरबीएसके अभियान की टीम को तैयार किया है, जो स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की जांच करती है. उन बच्चों को भी निरिक्षण किया जाता है जिनमें लक्षण पाए जाते हैं, और उन्हें केंद्र सरकार की ओर ... Read more
Storytelling plays a crucial role in school as it greatly enhances the outcomes of teaching and learning.
Incorporating storytelling into primary education can significantly enhance students’ engagement and enthusiasm for learning. Schools in India are increasingly relying on storytelling as an engaging teaching process. In 2021, CBSE introduced storytelling as a pedagogical tool. Several state boards have included storytelling in classroom teaching to make the subjects more interesting and retain the attention of the students. The MCD has introduced audiobooks in schools to encourage storytelling in primary education. The NBT conducted workshops for MCD school teachers, emphasizing the importance of storytelling in primary schooling. Audiobooks based on short stories in Hindi from Panchatantra were included.Earlier this year, ... Read more
तीन तलाक से पीड़ित शबनम ऑटो रिक्शा चलाकर कर रहीं परिवार का गुजारा
वेद प्रकाश/ऊधम सिंह नगर : महिलाओं को तलाक के बाद देवासी की जिंदगी गुजारते तो आपने बहुत देखा होगा. लेकिन उत्तराखंड की रहने वाली शबनम आज लोगों के लिए मिसाल बन चुकी है. तीन तलाक के बाद अपने बच्चों का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी अपने सिर पर लेकर शबनम ने ऑटो रिक्शा सीखकर ऑटो रिक्शा चलाना शुरू कर दिया है. शबनम आजकल उत्तराखंड के काशीपुर क्षेत्र में अक्सर ऑटो रिक्शा चलाते नजर आती है. काशीपुर क्षेत्र में रिक्शा चलाती हैं शबनम उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र की रहने वाली शबनम के पति ने उन्हें तीन तलाक दे ... Read more
गांव के बच्चों को शहर जैसी शिक्षा देने के लिए खोला स्कूल, आज फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहे बच्चे
अरशद खान/ देहरादून: चंबा से सटे एक छोटे से गांव कूड़ी भैंस्यारों में अनिता बिष्ट नाम की अध्यापिका नज़ीर बनी हैं. उन्होंने दिल्ली से हाई स्कूल किया, फिर गांव में आकर 12 किलोमीटर दूर स्कूल पढ़ने के लिए गई और अपनी पढ़ाई पूरी की. बाद में b.ed भी किया. लेकिन इस दौरान अनीता बिष्ट को एक बात बहुत ज्यादा खलने लगी वह ये कि उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है. इसलिए उन्होंने गांव में शहर जैसी शिक्षा देने की ठानी और गांव के बच्चों के लिए ... Read more